झारखण्ड का #स्वास्थ्य #व्यवस्था खटिया पर
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सड़क के अभाव में खाट बनी एम्बुलेंस,विकास के दावों की खुली पोल, प्रसूता को खाट पर ले गए ग्रामीण
रिपोर्ट: बलराम भंडारी,

गिरिडीह: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। जिले के पीरटांड प्रखंड अंतर्गत मधुबन पंचायत के दलुआडीह गांव में एक गर्भवती आदिवासी महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ा। इसके बाद एम्बुलेंस की मदद से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सुरक्षित प्रसव कराया गया।

जानकारी के अनुसार, दलुआडीह निवासी सुनीता सोरेन को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल एम्बुलेंस सेवा से संपर्क किया, लेकिन गांव तक सड़क नहीं होने के कारण एम्बुलेंस गांव तक पहुंचने में असमर्थ रही। मजबूरी में परिजनों और ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया।

घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक सड़क नहीं होने के कारण ऐसी परेशानियां अक्सर झेलनी पड़ती हैं। यदि सड़क बनी होती तो एम्बुलेंस सीधे गांव तक पहुंच सकती थी और समय पर इलाज मिल जाता।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क नहीं रहने से कुरुवारांड, दलुआडीह, डाहिया, ईटाबेड़ा, गाड़ापरोम, सहेरबेड़ा, जिरबेड़ा, सतकटिया और बोरवाबेड़ा समेत कई गांव प्रभावित हैं। लोगों ने सरकार और प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।