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रांची: आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। सोमवार को पुलिस मुख्यालय सभागार में डीजीपी तदाशा मिश्र की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्यभर की सुरक्षा व्यवस्था और विधि-व्यवस्था की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में एडीजी टी. कंदसामी, आईजी प्रभात कुमार, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, डीआईजी मनोज रतन समेत राज्य के सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी, एसएसपी और एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए अहम निर्देश
बैठक में संवेदनशील और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे लगाने, वीडियोग्राफी कराने और ड्रोन से निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अलावा जिलों में दंगारोधी उपकरण, दंगारोधी वाहन, वॉटर कैनन और एंटी रॉयट कंट्रोल ड्रिल की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई, लंबित वारंट और कुर्की मामलों के निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
डीजी या अन्य साउंड सिस्टम के जरिए भड़काऊ और उत्तेजक गाने बजाने पर सख्त नियंत्रण रखने तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे निगरानी रखने को कहा गया। वहीं प्रतिबंधित पशुओं की अवैध तस्करी रोकने के लिए अंतरराज्यीय चेकपोस्टों पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश भी दिए गए।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
डीजीपी तदाशा मिश्र ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बकरीद के दौरान हर हाल में शांति और सौहार्द कायम रहना चाहिए। जिन जिलों में पहले सांप्रदायिक तनाव या विवाद की घटनाएं हुई हैं, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी अफवाह का तत्काल सत्यापन किया जाए और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर बिना देरी के सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।