सारंडा जंगल में गायब हुआ CRPF जवान, 2 साल बाद भी परिवार को इंतजार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झारखंड के Jharkhand के Seraikela-Kharsawan district से जुड़े CRPF कांस्टेबल बादल मुर्मू की कहानी आज भी कई सवाल खड़े करती है।
5 जनवरी 2023 को Chaibasa के सारंडा जंगल स्थित तुम्बाहाका इलाके में सरकारी ड्यूटी के दौरान वह लापता हो गए थे। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें प्रतिबंधित माओवादी संगठन के नेता मिसिर बेसरा के दस्ते ने बंदी बना लिया था। बताया जाता है कि पांच दिन पहले भी कुछ ग्रामीणों ने बादल मुर्मू को मिसिर बेसरा के साथ जीवित देखा था।
बादल मुर्मू की पत्नी झानो मुर्मू अपने 6 साल के बेटे के साथ बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रही हैं। परिवार लगातार सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है। झानो मुर्मू ने राष्ट्रपति को कई पत्र लिखे और वर्ष 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री से भी मुलाकात की, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
इस इंतजार और पीड़ा के बीच बादल मुर्मू के पिता ने भी बेटे की राह देखते-देखते वर्ष 2024 में दम तोड़ दिया। परिवार आज भी उम्मीद लगाए बैठा है कि बादल एक दिन सुरक्षित वापस लौटेंगे।
गौरतलब है कि बादल मुर्मू को वर्ष 2021 में माओवादी विरोधी अभियान में बहादुरी दिखाने के लिए राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनकी बहादुरी और सेवा को देखते हुए यह मामला अब मानवीय संवेदनाओं और सुरक्षा व्यवस्था दोनों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।