झारखंड पुलिस विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन को मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार, लेखा शाखा में तीन साल या उससे अधिक समय से पदस्थ सभी पुलिसकर्मियों को 48 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!🔹 क्या है पूरा मामला?
राज्य के कई जिलों में लंबे समय से एक ही शाखा में जमे कर्मियों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसे देखते हुए विभाग ने सख्ती दिखाते हुए बड़े पैमाने पर तबादले का आदेश जारी किया है।
🔹 जैप डीआईजी का सख्त निर्देश
जैप डीआईजी ने सभी कमांडेंट को स्पष्ट निर्देश दिया है कि— 👉 ऐसे सभी कर्मियों को तुरंत प्रभाव से अन्य स्थानों पर पदस्थ किया जाए
👉 आदेश का पालन 48 घंटे के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए
🔹 वेतन घोटाले के बाद कार्रवाई तेज
हाल ही में बोकारो और हजारीबाग जिलों में वेतन गड़बड़ी और अवैध निकासी के मामले सामने आए थे। इन घटनाओं के बाद विभाग अलर्ट मोड में आ गया और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया।
🔹 3 साल तक नहीं मिलेगी वापसी
आदेश में यह भी साफ किया गया है कि— ➡️ हटाए गए कर्मियों को अगले तीन साल तक लेखा शाखा में दोबारा पोस्टिंग नहीं मिलेगी
➡️ इससे एक ही जगह लंबे समय तक जमे रहने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी
✅ क्या होगा असर?
इस फैसले से विभाग में पारदर्शिता बढ़ने, वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगने और कार्यप्रणाली में सुधार आने की उम्मीद है।
🗣️ साफ संदेश:
अब लंबे समय तक एक ही जगह जमे रहने और गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।