धनबाद के असर्फी होस्पिटल में मानवता शर्मसार: 20 हजार बकाया पर रोका शव, मेयर ने खुद किया भुगतान
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धनबाद : धनबाद के प्रतिष्ठित Asarfi Hospital से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। सड़क हादसे में घायल झरिया निवासी संजीत सिंह (54 वर्ष) की इलाज के दौरान मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने महज 20,864 रुपये बकाया होने के कारण शव परिजनों को सौंपने से इनकार कर दिया।
बताया जा रहा है कि परिजन लगातार अस्पताल से शव देने की गुहार लगाते रहे, लेकिन बकाया राशि जमा करने की शर्त पर ही शव देने की बात कही गई। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरातफरी और तनाव का माहौल बना रहा।

मामले की जानकारी मिलते ही नवनिर्वाचित मेयर Sanjeev Singh तुरंत अस्पताल पहुंचे। पैर में चोट होने के बावजूद उन्होंने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और अपने निजी कोष से 20,864 रुपये का भुगतान किया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने मृतक का शव परिजनों को सौंपा।

इस दौरान मेयर के साथ पहुंचे Amit Gupta, जो जनता मजदूर संघ के संगठन सचिव हैं, उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल को कानूनी तौर पर मृतक के शव को बंधक बनाने का अधिकार नहीं है।
अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि अस्पताल अक्सर वेंटिलेटर और अन्य सुविधाओं के नाम पर मरीजों से अतिरिक्त पैसे वसूलने की कोशिश करता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरतमंद परिवारों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस मामले में अस्पताल प्रबंधन को जवाब देना होगा।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी नाराजगी देखी गई और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।