लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की धर्मसभा को अनुमति, प्रशासन ने लगाईं 26 कड़ी शर्तें
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लखनऊ: लखनऊ प्रशासन ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati की प्रस्तावित धर्मसभा को अनुमति दे दी है। हालांकि प्रशासन ने इस कार्यक्रम के लिए 26 सख्त शर्तें लागू की हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन किया गया तो सभा की अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी और आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
यह धर्मसभा शंकराचार्य की “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा” यात्रा के तहत आयोजित की जा रही है। यह यात्रा 7 मार्च को काशी (वाराणसी) से शुरू हुई थी और विभिन्न जिलों से गुजरते हुए अब लखनऊ पहुंच रही है। जानकारी के अनुसार शंकराचार्य का काफिला आज देर रात लखनऊ में प्रवेश करेगा और 11 मार्च को राजधानी में बड़ी धर्मसभा आयोजित की जाएगी।
इस सभा में शंकराचार्य का मुख्य मुद्दा गाय को “राष्ट्रमाता” घोषित करने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाना बताया जा रहा है। यात्रा के दौरान वे जगह-जगह सभाएं कर लोगों को गो-रक्षा के लिए जागरूक कर रहे हैं।
सीतापुर में दिया बयान
फिलहाल शंकराचार्य सीतापुर में रुके हुए हैं। यहां उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि
“गो-रक्षा से ही दुनिया की रक्षा संभव है। हमारी यात्रा का उद्देश्य गो-माता की रक्षा के लिए समाज को जागरूक करना है।”
उन्होंने कहा कि भारत में गाय केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है बल्कि कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ी हुई है।
लखनऊ प्रशासन की सख्त तैयारी
लखनऊ प्रशासन और पुलिस ने कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियमों के तहत ही आयोजित होना चाहिए।
अधिकारियों ने कहा है कि
सभा के दौरान कोई भी भड़काऊ भाषण नहीं दिया जाएगा
धर्म, जाति, भाषा या समुदाय के खिलाफ टिप्पणी नहीं होगी
कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए
इसके साथ ही प्रशासन ने आयोजकों को लिखित रूप से 26 शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया है।
प्रशासन की 26 शर्तें
1 धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के खिलाफ भड़काने वाला बयान नहीं दिया जाएगा।
2. किसी राजनीतिक या धार्मिक व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं होगा।
3. नाबालिग बच्चों से विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे।
4. पारंपरिक झंडों के अलावा कोई खतरनाक वस्तु नहीं लाई जाएगी।
5. अपनी मांगों का ज्ञापन संबंधित अधिकारी को सौंपा जाएगा।
6.कार्यक्रम में तैनात पुलिस बल का खर्च आयोजकों को देना होगा।
7. शांत इलाकों में ढोल, संगीत और लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं होगा।
8. ट्रैफिक पुलिस और फायर विभाग के निर्देशों का पालन करना होगा।
9. सभी जरूरी सरकारी अनुमति आयोजकों को खुद लेनी होगी।
10. सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर गाड़ियों की पार्किंग नहीं होगी।
11. ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
12. आतिशबाजी, हथियार और हर्ष फायरिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
13.ध्वनि प्रदूषण के नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई होगी।
14. किसी भी आवश्यक लाइसेंस या अनुमति से छूट नहीं दी जाएगी।
15. पुलिस प्रशासन के सभी निर्देशों का पालन करना होगा।
16. कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे।
17. कोई सांप्रदायिक या भड़काऊ बयान नहीं दिया जाएगा।
18. रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बंद रहेंगे।
19. कार्यक्रम स्थल का किराया और अन्य शुल्क आयोजकों को देना होगा।
20. कोविड-19 से जुड़े नियमों का पालन करना होगा।
21.जुलूस या शोभायात्रा की अनुमति नहीं होगी।
22. किसी भी शर्त के उल्लंघन पर कार्यक्रम की अनुमति स्वतः रद्द हो जाएगी।
23. पंडाल की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर रखनी होगी।
24. ध्वनि की सीमा 75 डेसीबल से अधिक नहीं होगी।
25. किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।
26. कार्यक्रम में सीमित संख्या में वाहन आएंगे ताकि ट्रैफिक बाधित न हो।
प्रशासन की चेतावनी
लखनऊ प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी भी नियम के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी और सभा की अनुमति रद्द कर दी जाएगी। साथ ही आयोजकों को कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।