ऑनलाइन_दवा_बिक्री के विरोध में देशव्यापी बंद, धनबाद में मेडिकल दुकानों पर लटका ताला

ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में देशव्यापी बंद, धनबाद में मेडिकल दुकानों पर लटका ताला

धनबाद : ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के विरोध में बुधवार को देशभर में दवा दुकानदारों ने एक दिवसीय बंद का समर्थन किया। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर देश की करीब 12 लाख 40 हजार दवा दुकानें बंद रहीं। धनबाद में भी मेडिकल दुकानों पर ताला लटका रहा। इस दौरान एआईओसीडी के सदस्यों ने रणधीर वर्मा चौक पर पोस्टर-बैनर के साथ प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।

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केमिस्ट संगठनों का आरोप है कि ई-फार्मेसी और इंस्टेंट मेडिसिन डिलीवरी ऐप्स बिना स्पष्ट नियमों के संचालित हो रहे हैं। इससे छोटे मेडिकल स्टोरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है और पारंपरिक दवा विक्रेताओं के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
एआईओसीडी के धनबाद जिला अध्यक्ष ललित अग्रवाल ने कहा कि एआई जनरेटेड पर्चियों के जरिए ऑनलाइन दवाइयां मंगाई जा रही हैं, जिनमें प्रतिबंधित कफ सिरप समेत कई दवाएं शामिल होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 35 से 40 प्रतिशत तक का डिस्काउंट देकर मरीजों को आकर्षित कर रहे हैं, जबकि सामान्य दवा दुकानदार सरकार द्वारा तय मूल्य के अनुसार ही दवाइयों की बिक्री करते हैं। ऐसे में इतने बड़े डिस्काउंट पर सवाल उठना लाजिमी है।
वहीं संगठन के जिला मीडिया प्रभारी चंद्रशेखर गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन मिलने वाली दवाएं असली हैं या नकली, इसकी पुष्टि करना मुश्किल होता है। कई बार मरीजों को डुप्लीकेट दवाएं मिलने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और लोगों के मन में दवा विक्रेताओं के प्रति अविश्वास पैदा होता है। उन्होंने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री से जुड़े नियमों को वापस लेने की मांग की।
दवा दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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