शराब बिक्री में अनियमितता को लेकर टॉस्क फोर्स का गठन, देशी शराब की कम बिक्री पर मंत्री ने जताई चिंता

राज्य में शराब की बिक्री में हो रही अनियमितता को देखते हुए टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है. ये टॉस्क फोर्स कहीं भी कभी भी जांच कर सकती है. उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने गुरुवार को देशी शराब उत्पादकों के साथ हुई बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि राज्य में आठ देशी शराब उत्पादन की फैक्ट्री है. इसमें लंबे समय से उत्पादन बाधित है. राजस्व का भी नुकसान हो रहा है.

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वर्ष 2020-21 में 25 लाख 65 हजार 850 पेटी देशी शराब की बिक्री हुई. 2022-23 में छह लाख 95 हजार 306 पेटी की बिक्री हुई. वहीं 2023-24 में तीन लाख 24 हजार 211 पेटी की ही बिक्री हुई. निशिचत रूप से शराब की बिक्री में गिरावट आई है. इससे रोजगार सृजन में भी कमी आई है.

उन्होंने देशी शराब उत्पादकों से कहा कि इस खपत को पूरा करें, नहीं तो दूसरे राज्यों से देशी शराब का आयात किया जाएगा. मंत्री ने देसी शराब की जगह अवैध देशी शराब का सेवन करने वालों को सावधान किया. कहा कि देसी शराब में हर मापदंड का ख्याल रखा जाता है, जो पीनेवालों की सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं है. राज्य के राजस्व के लिए फायदेमंद भी है.

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