आर.एन. सिंह यादव बोले—पहले प्रभावित परिवारों के आवास और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करे प्रशासन
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धनबाद: बारहमुंडी खटाल को हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। प्रांतीय यादव महासभा, झारखंड ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना उन्हें बेदखल नहीं किया जाए।
महासभा के धनबाद जिला अध्यक्ष आर.एन. सिंह यादव ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि बारहमुंडी खटाल में वर्षों से रह रहे कई परिवार पशुपालन के जरिए अपनी आजीविका चलाते हैं। ऐसे में खटाल हटाए जाने से उनके सामने आवास और रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के हितों, आजीविका और पुनर्वास पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ मानवीय पहलुओं का ध्यान रखना भी जरूरी है।
महासभा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुंदर यादव ने भी प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा की बात कही। उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए न्यायपूर्ण निर्णय लेने की अपील की।
इस मौके पर राजद के जिला अध्यक्ष रघुवेन्द्र यादव, महासभा के प्रमुख महासचिव बैद्यनाथ यादव, महासचिव रामाशीष यादव, उपाध्यक्ष महेंद्र यादव, सचिव गणेश यादव, मिथिलेश यादव, जय प्रकाश यादव, सतेन्द्र यादव, गोपाल यादव और प्रेमानंद यादव सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।
युवा प्रकोष्ठ की ओर से राजकुमार यादव, अशोक यादव, सुधीर यादव, शशिशेखर यादव, घनश्याम यादव और विशाल यादव समेत यादव समाज के सैकड़ों प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रांतीय यादव महासभा ने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था किए बिना बेदखली की कार्रवाई की जाती है, तो संगठन और प्रभावित परिवार लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे।
अब देखना होगा कि प्रशासन महासभा की मांग पर क्या कदम उठाता है और प्रभावित परिवारों के आवास व रोजगार की सुरक्षा के लिए क्या समाधान निकाला जाता है।
