भाजपा नेता रामकृष्ण हेंब्रम की पहल पर गुमछुआ गांव में लौटी बिजली, दो महीने बाद रोशन हुए घर

 

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भाजपा नेता रामकृष्ण हेंब्रम की पहल पर गुमछुआ गांव में लौटी बिजली, दो महीने बाद रोशन हुए घर विद्युत विभाग की त्वरित कार्रवाई से बहाल हुई आपूर्ति, ग्रामीणों ने भाजपा नेता, विभाग और मीडिया के प्रति जताया आभार

जामा (दुमका)। जामा प्रखंड के गुमछुआ गांव में करीब दो महीने से जारी बिजली संकट आखिरकार समाप्त हो गया। भाजपा नेता रामकृष्ण हेंब्रम की पहल और विद्युत विभाग की त्वरित कार्रवाई के बाद गांव में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। लंबे समय से अंधेरे में जीवन गुजार रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बिजली बहाल होने पर ग्रामीणों ने रामकृष्ण हेंब्रम, उनके सहयोगियों, विद्युत विभाग तथा समस्या को प्रमुखता से उठाने वाले अखबारों और सोशल मीडिया माध्यमों के प्रति आभार व्यक्त किया।

ट्रक की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुआ था 11 हजार केवी का पोल

ग्रामीणों के अनुसार, पलसिया मेन रोड के समीप ट्रक की टक्कर से 11 हजार केवी की विद्युत लाइन का एक पोल क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। इसके बाद से गुमछुआ गांव की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। करीब दो महीने तक बिजली नहीं रहने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मोबाइल फोन चार्ज करने से लेकर घरेलू कामकाज और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही थी। रात में लोगों को ढिबरी के सहारे समय बिताना पड़ रहा था।

ग्रामीणों की बैठक के बाद हरकत में आए रामकृष्ण हेंब्रम

इस समस्या को लेकर 5 अक्टूबर को ग्राम प्रधान नुनुलाल मरांडी की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में भाजपा नेता रामकृष्ण हेंब्रम, राजू मरांडी, डेविड मरांडी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने लंबे समय से बिजली आपूर्ति बाधित रहने की समस्या उठाते हुए जल्द समाधान की मांग की।

ग्रामीणों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए रामकृष्ण हेंब्रम ने संबंधित विद्युत विभाग को लिखित आवेदन सौंपा और बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए गांव की बिजली बहाल कर दी। इससे ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिली।

बच्चों की पढ़ाई और जनजीवन पर पड़ रहा था असर

ग्रामीणों ने बताया कि बिजली संकट का सबसे अधिक असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा था। बिजली के अभाव में बच्चों को रात में पढ़ाई करने में परेशानी होती थी। वहीं, मोबाइल चार्जिंग और अन्य जरूरी कार्यों के लिए भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आज के समय में बुनियादी जरूरत है और इतने लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से सामान्य जनजीवन प्रभावित होना स्वाभाविक है।

मीडिया के प्रति भी ग्रामीणों ने जताया आभार

बिजली बहाल होने के बाद ग्रामीणों ने कहा कि उनकी समस्या को अखबारों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रमुखता से सामने लाने से संबंधित विभाग तक आवाज पहुंचाने में मदद मिली। ग्रामीणों ने इस समस्या को प्रकाशित करने वाले मीडिया माध्यमों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में बिजली के साथ-साथ सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी इसी तरह पहल की जाएगी।

बैठक में ग्राम प्रधान नुनुलाल मरांडी के अलावा चुंडू मरांडी, पिंकी मुर्मू, लक्ष्मी टुडू, बुदिन टुडू, सुखमणि मरांडी, मक्कू मुर्मू, सुशीला देवी, तारा देवी, आमपा देवी, सकली देवी, अलीश मनी बास्की सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

गांव में बिजली बहाल होने से ग्रामीणों को राहत मिली है। अब लोगों को उम्मीद है कि बिजली आपूर्ति सुचारू बनी रहेगी और बच्चों की पढ़ाई सहित रोजमर्रा के कामकाज सामान्य रूप से चल सकेंगे।

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